Category: Poems for kids

exam days poem for kids students

“परीक्षा के दिन”

Exam days Poem परीक्षा के दिनों में अक्सर हर घर में माहौल कुछ अलग ही होता है। माता पिता बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित...

vegetables

“पौष्टिक भोजन का महत्व”

Vegetables घिया, तौरी, टिंडे, फलियां सब सब्ज़ियां लाऊंगी खाने से इनको लाभ क्या हैं सब मैं बतलाऊँगी गाजर गोभी शलगम का आचार स्वाद बनाऊंगी...

daughters

“बेटियाँ”

 Daughters मम्मी की राजदुलारी हूँ पापा की बिटिया प्यारी हूँ प्यार वो मुझको खूब करें हर ज़रूरत भी पूरी करें ईश्वर ने तो हम...

father, father's day

“पिता | Father”

Father पिता वो है जो करता तो है प्यारपर बतलाता नहीं,दिल में समेटे रहता है जज़्बातपर दिखलाता नहीं,पिता के होने से वजूद अगर हैपिता...

morning wakeup

“नया सवेरा नईं उम्मीदें”

Morning सुबह सुबह जब चिड़िया बोले कानों में मिश्री सी घोले नया सवेरा नईं उम्मीदें जागो प्यारे घर वाले ये बोलें कितने सुनहरे सपने...

kids doll

“मेरी गुड़िया” 

Doll पढ़िए बच्चों के लिए गुड़िया पर आधारित 3 प्यारी कविताएं ~ “मेरी गुड़िया”  गुड़िया मेरी रंग बिरंगी इस से मैं तो खेलूं मम्मी...

books

“खोलो किताबें”

Books देखो बच्चों खोलो किताबें ज्ञान उनमें भरा पड़ा है बेशक आजके ज़माने में इंटरनेट उँगलियों पर चल पड़ा है पर फिर भी ज्ञान,...

horse

“देखो बच्चों, देखो घोड़ा”

Horse देखो बच्चों, देखो घोड़ा घोड़ा कितना न्यारा है सफ़ेद, काला, भूरे रंग का टक-टक दौड़े, लगता प्यारा है ताकत इसमें कितनी निराली खुराक नहीं...

sun

“सूरज और धूप”

Sun “सूरज” आहा! क्या धूप खिली है चेहरे भी सबके खिल उठे हैं इतने दिन बारिश से मुरझाए फूल पत्ते सब निखर उठे हैं...

summers

“आया मौसम गर्मी का”

Summers गर्मी का है मौसम आया देखो सब ने पंखा-एसी चलाया बाहर कुल्फी वाला आया सब बच्चों ने शोर मचाया आओ बच्चों सारे आओ ठंडी...

my room

“मेरा कमरा ख़ूब सजा “

My Room घर मेरा बड़ा प्यारा है सुन्दर सबसे न्यारा है हर कमरे का रंग निराला आराम पहुँचाने वाला है कमरों की दीवारों पर...

lion

“जंगल का राजा शेर”

Lion जंगल का राजा है शेर बहुत हिम्मत वाला होता ये तेज़ नुकीले दांत हैं जिसके जो भी आए आगे इसके करदे पल में...

school bag

“स्कूल बैग”

School Bag देखो देखो मेरा बस्ता स्कूल मैं पढ़ने जाती हूँ कॉपी किताबें रख कर इसमें पेंसिल रबड़ भी ले जाती हूँ खाना करती...

train poem

“मेरी रेल”

Train Poem मेरे पास खिलौना रेल देखो बच्चों मेरी रेल छुक छुक यह करती है चाबी देकर चलती है इधर उधर भी मुड़ती है...

hindi swar

“अ से अ: तक कविता”

Hindi Swar अ से अमरुद काट लिए आ से आकर खा लो तुम इ से इमली की बनाली चटनी ई से ईनाम मिलेगा चखलो...

nani

“नानी बड़ी निराली है”

Nani “नानी के घर” गर्मी की छुट्टियाँ…जब भी आती हैं हम नानी के घर के जाते हैं नानी मेरी बड़ी सियानी कहानी रोज़ सुनाती...

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