“स्वाभिमान के आगे कुछ नहीं”

self respect of a woman

Self respect 

ऐसी ज़िन्दगी नाग़वार है मुझे
कभी बोझिल लगे
फिर भी प्यार है मुझे

अपने रोज़मर्रा के कामों से
घर की छत दीवारों से
अपनी भूली बिसरी किताबों से
वो पन्ने लाजवाबों से

समेटे थे कुछ किस्से
कुछ अरमां नए संजोए थे
न टूटे कोई ख़्वाब मेरा
विश्वास के मोती पिरोए थे

माना लाजवाब है ज़िन्दगी
ऊँच-नीच भी है दिखलाती
मिल जाए चाहे प्यार भी कितना
पर सम्मान से ऊपर कुछ नहीं
स्वाभिमान के आगे कुछ नहीं
।।।

पढ़िए  “To save every girl child”

 

Priyanka G

Writer | VO Artist | TV Presenter | Entrepreneur

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4 Responses

  1. Jeet says:

    👍👍

  2. Reena Gupta says:

    Very nice

  3. Harmesh Gupta says:

    Excellent

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