“पर्यावरण को स्वच्छ बनाओ”
Trees
सुनो सुनो मैं कौन हूँ
अपना नाम बताऊंगा
समझ न पाए फिर भी प्राणी तो
मैं नया दौर दिखलाऊंगा
मैं हूँ एक पेड़
मुझ में भी जान प्राण हैं
मनुष्य की तरहं मैं खाता हूँ
धूप पानी लेता हूँ
रखवाला मेरा माली है
पौधों बिन जीवन खाली है
सब का मन हर्षाऊँ मैं
ठंडी हवा चलाऊँ मैं
छाँव में अपनी बिठाऊँ मैं
मीठे फल भी खिलाऊँ मैं
निरादर मेरा तुम करना न
फिर दुखों को भरना न
कुल्हाड़ी अगर चलाओगे
शुद्ध हवा कहाँ से पाओगे
समझ जाओ समय रहते ऐ प्राणी
विपत्ति और न पड़े उठानी
पेड़ पौधे खूब लगाओ
पर्यावरण को स्वच्छ बनाओ।।।
Trees

👍
Nice poem narrating environmental importance
Nice poem
👍👍👍
Awsome..keep it up!
Nice poem
Knowledge vali poems hn sabhi.
👌
SABHI KAVITAEIN BAHUT ACHI AND SHIKSHA DENE WALI HAI THANK YOU
ABHISHEK ANAND tb
Beautifully explained the role of clean environment 👍
Nice to see your poem.khalid